Monday, November 30, 2020
अंक शास्त्र -- मूलांक 5 की विशेषताएं
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी माह की 5, 14 या 23 तारीख को होता है उनका मूलांक पांच होता है l
इस अंक वाले व्यक्ति बहुत विलक्षण प्रतिभा और सूझ-बुझ के होते है l इसका स्वामी ग्रह बुध होने के कारण बुध ग्रह के गुण इनमें समाहित हो जाते है l बुध सौम्य, विद्वान, बुद्धिमान, विनोदप्रिय और भौतिक सुखों का इच्छुक ग्रह है l
5 अंक वाले व्यक्ति चाहे नौकरी करें अन्य कोई कार्य मूलतः व्यापारिक ढंग से ही काम करने की सोचते है l ऐसे लोग यदि व्यापार में प्रवृत्त हो तो विशिष्ट रूप से सफल रहते हैl
विशष्टताएँ ---
ये मानसिक रूप से बहुत ही संवेदन शील होते है उत्तेजना इनके स्वाभाव में जन्मजात होती है l
तीक्ष्ण बुद्धि के कारण ये स्थिति को व दूसरे के मन की बात को तुरंत ही भांप लेते है, इनके विचार बहुत द्रुतगामी होते है और ऐसे कारोबार करने में विश्वास रखते है जिनसे जल्द ही धन की प्राप्ति हो l
ये अच्छे मूर्तिकार भी हो सकते है और सट्टे व स्टॉक एक्सचेंज का शौक भी हो सकता है l किसी भी क्षेत्र में नया अनुभव और जोखिम उठाने के लिए सदा तैयार रहते है, स्वयं को परिस्थितयों के अनुसार ढाल लेना इनका अतिविशिष्ट गुण होता है, इसलिए जीवन में इनको ज्यादा कठिनाई की अनुभूति नहीं होती और प्रायः अपने कार्यों व लक्ष्यपूर्ति में सफल भी होते है l
धन होने पर ये खूब खर्च करते है और न होने पर बहुत ज्यादा परेशान नहीं होते, घाटा होने पर भी स्वयं को संभाल लेना व बुद्धि- विवेक को स्खलित न होने देना भी इनका एक अन्य विशिष्ट गुण है इन्हीं गुणों के कारण ये सफलता की सीढ़ियों पर ऊपर ही ऊपर चढ़ते जाते है और पीछे मुड़कर नहीं देखते l
5 अंक से प्रभावित व्यक्ति यदि अच्छे स्वभाव का है तो अच्छा ही रहेगा और यदि स्वाभाव में दुष्टता है तो संसार की कोई भी शक्ति उसके इस स्वभाव को दूर नहीं कर सकती l
इनकी मित्रमंडली बहुत विस्तृत होती है जिससे ये कभी अपने को अकेला महसूस नहीं करते, जीवन में यात्राओं का भी बाहुल्य रहता है, एक समय में दो या दो से अधिक कामों में व्यस्त रहना इनके स्वभाव में होता है, कर्मप्रधान होने के कारण दूसरों के सहारे पर नहीं बैठते व स्वयं स्थिति-परिस्थिति को संभालने की क्षमता रखते है l
भाग्य 23 वे वर्ष से साथ देना आरम्भ करेगा किन्तु 32 वे वर्ष से भाग्य अधिक अनुकूल अवसर प्रदान करेगा, जीवन के मध्यकाल तक सभी भौतिक सुख आपको प्राप्त हो जायेंगे l
सावधानियां ---
1. बोलने पर नियंत्रण करें सोच समझकर ही बोले l
2. सर्दी से बचें खांसी, जुकाम, बुखार व पेट के रोग से परेशान हो सकते है l
3. परिवार के सदस्यों से ज्यादा अपेक्षा न करें उनकी अपेक्षा बाहरी लोगो की सहायता आपको ज्यादा प्राप्त होगी l
अनुकूल एवं प्रतिकूल समय ---
इनके लिए 22 मई से 20----27जून तक और 21 अगस्त से 20----27 सितम्बर तक का समय सर्वोत्तम है l
यदि इन दिनों में 5, 14, 23 में से कोई तारीख भी हो तो शुभ फल और भी बढ़ जाता है किन्तु मई का कुछ समय तथा सितम्बर और दिसंबर के अंतिम सप्ताह का समय इनके अनुकूल नहीं होता l
शुभ वर्ष, तारीख व वार ---
वैसे तो 5 अंक वाले लोग सौभाग्यशाली होते है लेकिन 5, 14, 23, 32, 41, 50, 59, 68 व 77वां वर्ष अधिक सौभाग्यशाली होता है l
बुद्धवार व शुक्रवार का दिन इस अंक के जातकों के लिए शुभ सिद्ध होते है यदि इन दिनों में अपने अंक की शुभ तारीख़े भी आ जाएँ तो यह अत्यन्त शुभ एवं सौभाग्यशाली सिद्ध होता है l
नौकरी या व्यवसाय --- लेखाविभाग, वकील, अध्यापन कार्य, मुख्यलेखाकर, गणितज्ञ, ज्योतिषी, मस्तिष्क या बौद्धिकता से जुड़े कार्य जैसे - स्टेश्नरी व्यवसाय, प्रकाशन, सम्पादन एवं लेखन, डाक विभाग, कंप्यूटर इंजीनियर, शिल्पी तथा प्रतिनिधि के रूप में कार्य आदि l
बीमारियां --- रक्त-कफ-पित्त जनित रोग, श्वसन तंत्र संबंधी रोग, मुख, वाक्शक्ति, वायु रोग, दमा, नाड़ी रोग, कुष्ठ, मस्तिष्क सम्बन्धी रोग, लकवा, चर्म रोग आदि
अनुकूल रंग --
इनके लिए सर्वोत्तम और सौभाग्यवर्धक रंग हरा है l
हल्का भूरा या सफ़ेद रंग भी प्रयोग कर सकते है l
भाग्यशाली रत्न --- इनका सौभाग्यवर्धक रत्न पन्ना है, कम से कम 6 रत्ती का पन्ना सोने की अंगूठी में कनिष्ठिका अंगुली में धारण करना चाहिए l
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