सूर्य ग्रह को मजबूत करने के प्रभावी उपाय --
1. रविवार व्रत – कम से कम 12 रविवार तक व्रत रखें। इस दिन केवल एक बार भोजन करें, जिसमें दूध, दही, घी, चीनी, गेहूं और दलिया शामिल हो। नमक का सेवन न करें।
2. सूर्य मंत्र जाप – स्नान के बाद "ॐ घृणिं सूर्याय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
3. सूर्य को अर्घ्य दें – सुबह जल में लाल चंदन, लाल फूल, अक्षत व दूर्वा मिलाकर सूर्यदेव को अर्पित करें।
4. पाठ एवं स्तोत्र – रामचरितमानस का पाठ या आदित्य हृदय स्तोत्र का नित्य पाठ करें।
5. दान – माणिक, लाल वस्त्र, गुड़, सोना, तांबा, लाल चंदन, लाल फूल, गेहूं व घी का सूर्योदय के समय दान करें।
6. रत्न और धातु –
5 या 6 रत्ती का माणिक सोने या तांबे की अंगूठी में धारण करें।
तांबे का छल्ला या कड़ा रिंग फिंगर या हाथ में पहनें।
इन उपायों से सूर्य की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सफलता, आत्मविश्वास व नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।
चंद्र ग्रह की शांति और इसे मजबूत करने के प्रभावी उपाय --
1. दान करें – मोती, सोना, चांदी, चावल, दही, सफेद वस्त्र, सफेद फूल, शंख, कपूर, सफेद बैल व सफेद चंदन का दान करें।
2. सोमवार का व्रत रखें – शिवलिंग पर दूध, दही, गंगा जल से अभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें।
3. मंत्र जाप करें –
"ॐ सोम सोमाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
या
"ॐ चंद्राय नमः" का 108 बार नित्य जाप करें।
4. रुद्राक्ष धारण करें – दोमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
5. अन्य प्रभावी उपाय –
चंद्र यंत्र स्थापित कर पूजा करें।
श्री शिव चालीसा व महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
सोमवार को खीर बनाकर गरीबों में बांटें।
रात में दूध पीने से बचें और चांदनी में बैठकर ध्यान करें।
इन उपायों से चंद्र दोष शांत होता है, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।
मंगल ग्रह को मजबूत करने के प्रभावी उपाय
1. मंगलवार व्रत – हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का नित्य पाठ करें।
2. दान व सेवा –
मसूर की दाल का दान करें।
प्रियजनों को मिठाई खिलाएं।
बंदरों को गुड़ व चने खिलाएं।
3. बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं और ग्रहण करें।
हनुमानजी के चरणों का सिंदूर माथे पर लगाएं।
4. तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करें।
5. "ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
6. अन्य उपाय –
शिव स्तोत्र का पाठ करें।
महिलाओं को लाल वस्त्र व बच्चों को रेवड़ियाँ वितरित करें।
इन उपायों से मंगल ग्रह की शांति होती है, साहस, ऊर्जा व सकारात्मकता में वृद्धि होती है।
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