किसी भी मास की 4, 13, 22, 31 तारीख को जन्मे लोग मुलांक 4 से प्रभावित होते है, 4 के अंक का स्वामी राहु होता है, यह सूर्य के समान है और बहुधा सूर्य के ही समान गुण वाला ग्रह है l
यह ग्रह बहुत उष्ण, ज्वलनशील व तेजस्वी होता है और जीवन में भारी उथल-पुथल करने वाला ग्रह है, यह जीवन में ऐसी घटनाओं से जुड़ता है जो सर्वथा असंभव प्रतीत होती है जैसे सहसा प्रगति, पदोन्नति, अचानक ही दिवाला निकल जाना, विस्फोट, भीषण दुर्घटना व अग्निकांड आदि l
विशिष्टताएं--- जातक को अपने जीवन में बहुत अधिक संघर्ष का सामना करना पड़ता है इनका प्रत्येक वस्तु के प्रति अपना अलग दृष्टिकोण होता है जिसके कारण लोग इनको समझ नहीं पाते और इन्हें सनकी समझने तक की भूल कर बैठते है l वास्तव में इनका जीवन एक सुधारक जैसा होता है, और विचार क्रांतिकारी होते है l
क्रोध में यह सूर्य के समान प्रचंड रूप धारण कर लेते है व सीमाओं का उल्लंघन करने से भी नहीं चूकते लेकिन यदि इनसे प्रेम और सादगीपूर्ण तरीके से बात की जाय तो न होने वाले काम भी करने को ये तैयार हो जाते है l
जीवन में शत्रुओं की कमी नहीं रहेगी ये पीठ पीछे इनको फ़साने के लिए षड्यंत्र रचेंगे और इनके खिलाफ अधिकारियों के कान भरेंगे लेकिन बिगाड़ कुछ नहीं पाएंगे l
इनके मन में छुपे हुए रहस्य को जान पाना बहुत ही मुश्किल होतl है यहाँ तक के इनकी पत्नी तक इनके रहस्य की थाह नहीं पा सकती l
स्वतंत्र निर्णय लेने में ऐसे जातक अपने को बहुत असहज पाते है इनको हमेशा परामर्श की आवश्यकता महसूस होती रहती है और मन में हमेशा अकेलेपन का भ्रम रहता है l
इनके मित्र भी वही बन सकते है जिनके दिमाग में ऊँची बातें हो, समाज सुधारक हो, बड़े राजनेता या उच्च पद पर आसीन हों l
इनका वैवाहिक जीवन संतोषजनक नहीं होता और परिवार में भी भाइयों से नहीं बनती l पिता का सुख कम ही रहता है उनकी की संपत्ति पहले तो मिलेगी ही नहीं यदि मिलती भी है तो उसमे कई अटकलों व परेशानियों का सामना करना पड़ता है l
सावधानियां ---
1. क्रोध पर नियंत्रण करें ऐसी स्थिति परस्थितयों से बचें जहाँ आवेश और क्रोध की उत्पत्ति हो अन्यथा कोई अनिष्ट तक होने की सम्भावना हो सकती है l
2. स्वस्थ वातावरण में रहें और कोशिश करें कि आप शांत और खुश रहें l
3. झूठा आश्वासन देने या बहाना बनाने से बचें यदि किसी कार्य को आप नहीं करना चाहते तो स्पष्ट मना कर दें l
4. चार पैर वाले जानवरों व वाहन आदि से बचकर रहें, ऊँचे स्थान पर न बैठें l
अनुकूल एवं प्रतिकूल समय
22 जून से 20 अगस्त तक का समय आपके लिए बहुत प्रभावशाली, श्रेष्ठ एवं उन्नतिदायक है l
वहीँ अक्टूबर, नवम्बर तथा दिसम्बर का समय आपके लिए अधिक अनुकूल नहीं है l
शुभ-अशुभ वर्ष, तारीख व वार ---
इनके जीवन के 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67, 76 वl वर्ष अत्यंत प्रमुख है, जीवन की प्रमुख घटनाएं इन्हीं वर्षों में होंगी l
इन लोगों को अपने प्रमुख उद्देश्य व कार्य किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख को ही पूर्ण करने की कोशिश करनी चाहिए अगर ये तारीख अपने शुभ समय काल 21 जून से 27 जुलाई के मध्य आ जाएँ तो और भी ज्यादा शुभ सिद्ध हो तत्पश्चात अंक 1, 2 व 7, अंक 4 के अनुरूप है और मित्र है, अतः जिन तारीखों व वर्षों का योग एकल अंक 1, 2 या 7 आये वो भी समानरूप से शुभ व सौभाग्यशाली सिद्ध होते है l
इनके शुभ और सौभाग्यशाली दिन शनिवार, रविवार व सोमवार हैं यदि उपर्युक्त शुभ तारीखें इन दिनों पर पड़ जाएँ तो ये और भी ज्यादा सुख सौभाग्य को देने वाले होते है l
नौकरी व व्यवसाय -- चमड़े का व्यवसाय, फोटोग्राफी, मुद्रण कार्य, अन्वेषण संबंधी, जुआ व शेयर मार्किट, मशीनरी व पुर्जों का व्यवसाय, फेरीवाले व्यापारी, आर्टिस्टिक कॅरिअर l
बीमारियां -- हिरदै रोग, कुष्ठ, मानसिक उत्तेजना, कीटाणु व विष आदि से उत्पन्न रोग, पेट सम्बन्धी रोग, पैरों पर चोट विशेषकर बांया पैर तथा संक्रामक रोगों से ग्रसित होने की सम्भावना होती है l
अनुकूल रंग -- चमकीले रंग, नीला व भूरा रंग आपके लिए विशेष अनुकूल है l
भाग्यशाली रत्न --
इनके लिए गोमेद शुभ फलदायक होगा तथा नीलम भी इनके स्वभाव के अनुरूप होता है अतः इसे भी धारण करा जा सकता है इसको पंचधातु की अंगुठी में पहना जाता है l
गोमेद को चांदी की अंगूठी में धारण कर सकते है l
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Nice
ReplyDeleteVry helping