Tuesday, December 1, 2020

अंक शास्त्र -- मुलांक 8 की विशेषताएं

जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी मास की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 8 होता है, इसका स्वामी ग्रह शनि है इसका प्रभाव 2 वर्ष 6 मास से लेकर 30 वर्ष तक रहता है. क्योंकि यह प्रत्येक राशि पर अढ़ाई वर्ष रहता है और 30 वर्ष में सभी राशियों का चक्र पूर्ण कर लेता है, शनि से प्रभावित व्यक्ति जीवन भर संघर्षों से जूझता है. उसका जीवन उथल-पुथल से भरा हुआ होता है, परिवर्तनशील होता है, ये अपनी किस्म के अलग और निराले ही होते है l

विशिष्टता --
प्रायः 8 अंक वाले जातकों को लोग समझ नहीं पाते इसीलिये ये अलग-थलग पड़ जाते है, हालाँकि ये दूसरों की परेशानी देखकर  बहुत जल्दी द्रवित हो जाते है और यथासंभव उनकी सहायतार्थ तैयार रहते है l ये बlहरी प्रेम का प्रदर्शन नहीं कर सकते प्रायः इनकी वृत्ति धlर्मिक नहीं होती लेकिन यदि इनमे धार्मिकता जग जाये तो ये सीमाओं का उल्लंघन कर देते है, ये बहुत गंभीर व अन्तर्मुखी होते है और उत्तरदायित्वों के प्रति सदा सजग रहते है बिना किसी शोर शराबे और प्रचार के अपना कार्य करते रहते है जिस दायित्व को हाथ में ले लें उसको पूरा करके ही छोड़ते है चाहे उसका कितना भी विरोध क्यों न हो इनके कार्यों के दूरगामी परिणाम होते है और बाद में उनकी बहुत सराहना भी होती है l

जीवन में इस अंक के जातक या तो बहुत सफल होते है या फिर इतने असफल रहेंगे कि जिसका कोई ठिकाना नहीं होता, या तो सफलता का शिखर या असफलता का अन्धकारपूर्ण गर्त l सांसारिक दृष्टिकोण से भी 8 के अंक को सौभाग्यशाली नहीं समझा जाता यही कहा जाता है की 8 अंक वाले लोग प्रायः परेशान, उदास और दुखी रहते है और अपमानित होता रहना पड़ता है वास्तव में इस अंक को समझना कठिन माना गया है l

8 अंक से प्रभावित व्यक्ति कब क्या कर डालेगा कहना मुश्किल है l एक तरफ तो यह व्यक्तियों या राष्ट्रों के लिए उत्तर-चढ़ाव, क्रांति तथा भयंकर आपदाओं का द्योतक  है दूसरी तरफ दार्शनिक व्यक्तित्व तथा तंत्र आदि  गूढ़ विद्याओं के अध्ययन की प्रवृति, धार्मिकता और अपने लक्ष्य की ओर पूर्ण तन्मयता का प्रतीक है l इस अंक के जातक जो भी दूसरों के प्रति उदारता और सहृदयता का व्यवहार करते है या जो भी बड़े त्याग व बलिदान किसी के लिए करते है उसका इनके जीते जी कभी श्रेय नहीं मिलता परंतु जब ये कालकवलित हो जाते है तो इनकी प्रशंसा के पुल बांधे जाते है और श्रद्धांजलियां अर्पित की जाती है, अंक 8 से  प्रभावित सामान्य स्तर के लोग आजीवन अन्याय के प्रति जूझते रहते है उन्हें सामाजिक कानून- व्यवस्था  से हमेशा शिक़वा बना रहता है और इन सभी व्यवस्थाओं से जूझते-2 कष्ट उठाते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर जाते है, ऐसे जातकों को लोग कभी नहीं समझ पाते इसको भाग्य की बिडम्बना ही कहा जायेगा l

सावधानियां --
1. अपने संकोची स्वभाव को त्याग दें और अपने विचारों को दूसरों के सामने विश्वास के साथ रखें l
2. यह आपका मानसिक भ्रम होगा कि कोई आपकी
लक्ष्य पूर्ति के मार्ग को आसान करने के लिए आगे आएगा l कार्यों को स्वयं पूर्ण करने की आदत विकसित करें l
सामान्यतः आपको किसी से कोई सहायता प्राप्त नहीं होगी l
3. धूम्रपान, मदिरापान व परस्त्री संसर्ग से बचें l
4. ऊँचे स्थलों पर न वैठे व गहरे जल में न जाएँ l

अनुकूल समय --
21 दिसम्बर से 26 जनबरी तक और 20 जनबरी से 26 फरवरी तक का समय आपके अनुकूल है l

शुभ-अशुभ वर्ष, तारीख एवं वार --
आपके लिए 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62, 71, 80 व वर्ष प्रमुख है प्रायः शुभ घटनाकारी भी रहेंगे, जिन वर्षों का योग 4 आये या 4 से विभक्त हो वे भी प्रमुख घटनाकारी रहेंगे तथा इनको प्रमुख कार्य किसी भी महीने की  8, 17, 26 तारीख पर ही पूर्ण करने चाहिए l
4, 13, 22 एवं 31 तारीख भी इनके लिए  शुभ रहती है, कार्यों की पूर्णता और भी ज्यादा सरल एवं शुभ सिद्ध होगी यदि ये तारीखें उपर्युक्त अनुकूल समय काल में आ जाएँ l

इनके लिए शनिवार, रविवार व सोमवार के दिन शुभ कार्यों हेतु उत्तम है, यदि इन दिनों पर इनकी शुभ तारीख भी आ जाएँ तो ये दिन और भी ज्यादा उत्तम व शुभ भुक्त होंगे l

नौकरी या व्यवसाय -- वर्कशॉप, सेल्स मैन, प्रॉपर्टी डीलर, जमीन-जायदाद संबंधी कार्य, पुलिस विभाग, कारागार सम्बन्धी जॉब, जमीन से निकलने वाली बस्तुओं का व्यापार जैसे - पत्थर, लोहा, सीमेंट, तेल, तिल, व अनाज, काले रंग की बस्तुओं व चौपायों से सम्बंधित चमड़े आदि का व्यवसाय, किसी भी विभाग के ऐसे मुख्य पद जो बड़ी जिम्मेदारी से जुड़े हो l

बीमारियां -- गठिया, दमा, पक्षाघात, वायू व कफ संबंधी रोग, हड्डियों के रोग, लकवा, ह्रदय दौर्बल्य, पेट, आंत व गुर्दे सम्बन्धी रोग l

अनुकूल रंग -- आपके लिए गहरा भूरा, काला, गहरा नीला तथा बैंगनी रंग  शुभ होते है l

भाग्यशाली रत्न -- आपके लिए गहरे नीले रंग वाला नीलम विशेष लाभदायक होता है l
           
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